इंसानियत, सब्र, इंसाफ़ और रहमत का पैग़ाम देता है क़ुरआन : मुफ़्ती सालिम क़ासमी
देश और दुनिया में अमन शांति के लिए की गई ख़ास दुआ नई दिल्ली 28 फ़रवरी। अराम पार्क इलाके में स्थित मदरसा इस्लामिया अरबिया इज़हारुल उलूम में तरावीह की नमाज़ के दौरान क़ुरआन मजीद मुकम्मल होने के बाद एक मज़हबी और बेहद रूहानी महफ़िल का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ख़ास दुआ का एहतमाम भी किया गया और क़ुरआन की फ़ज़ीलत, उसकी अहमियत और इस्लामी तालीम की ज़रूरत पर विशेष तक़रीर पेश की गई। हाफिज़ व क़ारी मुख्तार अहमद नदवी ने तरावीह की नमाज़ में क़ुरआन मुक़म्मल किया, जबकि हाफ़िज़ मोहम्मद ओवैस ने मुकम्मल क़ुरआन मजीद सुनने की सआदत हासिल की। इस मुक़द्दस मौके पर मस्जिद नूरुल्लाह के इमाम मुफ़्ती सालिम क़ासमी ने पूरे एहतराम और ख़ुशू-ओ-ख़ुज़ू के साथ ख़ास दुआ कराई, जिसमें उम्मत की भलाई, मुल्क की तरक़्क़ी और दुनिया व देश में अमन-ओ-शांति की दुआएं मांगी गईं। दुआ से पहले अपने ख़िताब में मुफ़्ती सालिम क़ासमी ने क़ुरआन की फ़ज़ीलत बयान करते हुए कहा कि क़ुरआन सिर्फ़ तिलावत की किताब नहीं, बल्कि ज़िंदगी का मुकम्मल दस्तूर है। उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा कि हमें इस बात की गहरी फ़िक्र करनी होगी कि हमारे सम...