मदरसा जामिया उम्मुल क़ुरा के वार्षिक समारोह में आलिम बनने वाले छात्रों की हुई दस्तारबंदी

 

मदरसों के विद्यार्थी भी बन रहे हैं देश की प्रगति में भागीदार : मौलाना अब्दुल हन्नान 


डॉ० बिलाल अंसारी 

नई दिल्ली।  दीनी तालीम, तरबियत और इस्लामिक शिक्षा के प्रसार के उद्देश्य से पूर्वी दिल्ली आराम पार्क इलाक़े में मौजूद मदरसा जामिया उम्मुल क़ुरा में वार्षिक दस्तारबंदी समारोह का आयोजन हाफिज सलीम अहमद की अध्यक्षता में किया गया। इस अवसर पर हर वर्ष की परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी दीनी शिक्षा पूर्ण कर आलिम बनने वाले छात्रों की दस्तारबंदी कर उन्हें सम्मानित किया गया। इस मौके पर दिल्ली स्टेट जमीयत उलेमा के उपाध्यक्ष मौलाना अब्दुल हन्नान मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे तथा मुफ़्ती सालिम क़ासमी, फ़िक्की के चेयरमैन डॉ० मुश्ताक़ अंसारी, हाजी मोहम्मद यूसुफ़ मुफ़्ती अहमद, हाजी वसीम अहमद, हाजी दिलशाद अहमद, हाजी अय्यूब, हाजी महताब, सलीम अहमद, मोहम्मद अख़लाक़, जावेद अनवर समानी आदि समाज के ज़िम्मेदार लोगों के विशिष्ट अतिथि की हैसियत से शिरक़त की। मदरसे के इंचार्ज मौलाना अलक़मा के नेतृत्व में आयोजित इस जलसे के मंच का संचालन मुफ़्ती कलीमुल्लाह द्वारा किया गया। 


समारोह की शुरुआत तिलावत-ए-क़ुरआन से हुई, जिसके बाद नात-ए-पाक पेश की गई। इसके पश्चात मदरसे में शिक्षा पूर्ण कर चुके छात्रों को मंच पर आमंत्रित कर पारंपरिक तरीके से उनके सिर पर दस्तार (पगड़ी) बांधी गई। दस्तारबंदी को दीनी तालीम में एक महत्वपूर्ण मुकाम माना जाता है, जो छात्र के ज्ञान, संयम और जिम्मेदारी का प्रतीक होती है।


जलसे को संबोधित करते हुए मौलाना अब्दुल हन्नान ने कहा कि आज के दौर में मदरसों की भूमिका केवल धार्मिक शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि ये संस्थान समाज को नैतिकता, अनुशासन और इंसानियत का संदेश देने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि मदरसों के विद्यार्थी डॉक्टर, इंजीनियर, प्रोफेसर आदि बनकर आज देश की प्रगति में भागीदार बन रहे हैं। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे अपने ज्ञान का उपयोग समाज में भाईचारा, अमन और इंसाफ़ को मजबूत करने के लिए करें।


हाफ़िज़ सलीम अहमद ने बताया कि जामिया उम्मुल क़ुरा वर्षों से दीनी शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता और चरित्र निर्माण पर विशेष ध्यान देता आ रहा है। यहां से शिक्षा प्राप्त कर चुके अनेक छात्र देश-विदेश में दीन की ख़िदमत और समाजसेवा के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।


समारोह में क्षेत्र के गणमान्य व्यक्ति, उलमा-ए-किराम, सामाजिक कार्यकर्ता, अभिभावक और स्थानीय लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में छात्रों के उज्ज्वल भविष्य और देश में अमन-चैन के लिए विशेष दुआ भी की गई।

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