रतन टाटा को समर्पित दिल्ली में सेन्टर फॉर नमो स्ट्डीज कार्यक्रम में इंडियन स्कूल्स कन्वेंशन में एन० ई० पी० 2020 रहा चर्चा का मुख्य केंद्र
एन ई पी 2020 भारत की शिक्षा प्रणाली के लिए एक ऐतिहासिक सुधार है : पूर्व राज्यपाल प्रो. जगदीश मुखी
अध्ययन शिक्षा परियोजना एवं अलीगढ़ लिटरेचर फेस्टिवल का लोकार्पण, युवाओ को देश, रोज़गार और संस्कृति से जोड़ना ही उद्देश्य : प्रो जसीम मोहम्मद
पूरे भारत में गुणवत्तापूर्ण और समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देना कन्वेंशन का मुख्य उद्देश्य : डॉ० इफ़्तिख़ार अहमद
नई दिल्ली 27 मार्च। “राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत राष्ट्रीय विकास के लिए स्कूली शिक्षा को सुदृढ़ बनाना” विषय पर इंडियन स्कूल्स कन्वेंशन का आयोजन नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में मीडिया सेंटर के सहयोग से नमो अध्ययन केन्द्र द्वारा आयोजित किया गया। इंडियन स्कूल्स कन्वेंशन स्वर्गवासी पद्मभूषण रतन टाटा को समर्पित किया गया।
इस मौक़े पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित असम के पूर्व गवर्नर प्रो. जगदीश मुखी ने कहा कि, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण और समावेशी शिक्षा प्रदान करने की दिशा में योगदान दे रहे और इसमें स्कूलों के प्रयास सराहनीय हैं ।
सभा को संबोधित करते हुए, पूर्व गवर्नर प्रोफेसर मुखी ने एन ई पी को भारत की शैक्षिक यात्रा में एक ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी कदम बताया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद, ऐसी कोई व्यापक नीति पहली बार लागू हुई है, और इसके पूर्ण कार्यान्वयन से छात्रों को बेहतर शिक्षा प्राप्त होगी, जिससे देश में शिक्षा की समग्र गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आएगा।
मुख्य भाषण देते हुए, डॉ. ख्वाजा इफ्तिखार अहमद ने इस बात पर प्रकाश डाला कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में सद्भाव का एक सशक्त संदेश निहित है। उन्होंने कहा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति में सद्भाव की भावना समाहित है। यह हमें विविधता का सम्मान करना, आपसी समझ विकसित करना और एक ऐसे समाज का निर्माण करना सिखाती है, जहाँ लोग शांति और साझा मूल्यों के साथ मिलकर रहते हैं।
पटना उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति इकबाल अहमद अंसारी ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सच्ची शैक्षिक प्रगति केवल राष्ट्रीय शिक्षा नीति के पूर्ण कार्यान्वयन के माध्यम से ही संभव है, और साथ ही यह भी जोड़ा कि इस नीति का उपयोग सांप्रदायिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने के एक माध्यम के रूप में भी किया जाना चाहिए। इस अवसर पर अपने शुरुआती भाषण में, सेंटर फॉर नमो स्टडीज़ के सभापति प्रो. जसीम मोहम्मद ने ज़ोर देकर कहा कि इस सम्मेलन को आयोजित करने का मकसद उन भारतीय स्कूलों को पहचान देना है जो गुणवत्तापूर्ण, समावेशी और मूल्यों पर आधारित शिक्षा में योगदान दे रहे हैं, साथ ही पूरे देश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के विज़न और लक्ष्यों को बढ़ावा देना भी है।
प्रोफ़ेसर जसीम मोहम्मद ने प्रोजेक्ट अध्ययन एजुकेशन एवं अलीगढ़ लिटरेचर फेस्टिवल का लोकार्पण, युवाओ को देश, रोज़गार और संस्कृति से जोड़ना ही उद्देश्य को विस्तृत से बताया।
स्वामी देवेंद्र ब्रह्मचारी ने सेंटर फॉर नमो स्टडीज़ के प्रयासों की सराहना की और कहा कि ऐसे थिंक टैंक को मज़बूत करना और राष्ट्र-निर्माण में इसके योगदान की सफलता सुनिश्चित करना हम सबकी सामूहिक ज़िम्मेदारी है।
विशिष्ट अतिथियों में माया कुलश्रेष्ठ प्रख्यात कथक कलाकार और सदस्य, राजभाषा समिति, गृह मंत्रालय तथा डॉ. फरीद चुघतई सचिव, दिल्ली वर्ल्ड फाउंडेशन और काशी हिंदू विश्वविद्यालय से डॉ. अपर्णा सिंह शामिल थे।
इस सत्र की अध्यक्षता जूरी के चेयरमैन के तौर पर मानू के पूर्व कुलाधिपति फिरोज़ बख्त अहमद ने की।
इस सम्मेलन में कई प्रमुख संस्थानों ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया, जिनमें दिल्ली के द एयर फ़ोर्स स्कूल, मॉडर्न पब्लिक स्कूल (शालीमार बाग), दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल, द रियल लाइफ़ स्कूल और मॉडर्न स्कूल बाराखंबा रोड शामिल थे; इन स्कूलों के छात्र और शिक्षक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस सम्मेलन के दौरान 'बेस्ट स्कूल अवार्ड्स 2026' से सम्मानित होने वाले स्कूलों में ये स्कूल भी शामिल थे।
डॉक्टर दीबा एवं डॉक्टर दौलत राम शर्मा ने इस सम्मेलन का एक अहम आकर्षण 'अलीगढ़ साहित्य कला उत्सव' का औपचारिक शुभारंभ रहा, जो बौद्धिक और साहित्यिक गतिविधियों के क्षेत्र में एक नई पहल की शुरुआत का प्रतीक है। इसके अलावा, इस कार्यक्रम के दौरान 'अध्ययन शिक्षा परियोजना' का भी शुभारंभ किया गया, यह एक स्कूल फ़्रैंचाइज़िंग पहल है जो एन ई पी 2020 के अनुरूप, समग्र विकास पर आधारित है।
इस कार्यक्रम के समन्वय की ज़िम्मेदारी मीडिया सेंटर की निदेशक निकहत परवीन, तुषिता भंडारी, डॉ. दौलत राम, डॉ. आमना मिर्ज़ा, धनंजय कुमार और डॉ. दीबा ने संभाली, जबकि इसका प्रभावी संचालन दिल्ली विश्वविद्यालय की प्राध्यापक डॉ. अमृता शास्त्री ने किया। सम्मेलन का समापन प्रोफेसर दिव्या तंवर द्वारा दिए गए औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
कार्यक्रम में फेस ग्रुप के चेयरमैन डॉक्टर मुश्ताक अंसारी, सियासत तक़दीर ग्रुप के मुस्तकीम अहमद खान, इंजीनियर साजिद अली, एडवोकेट तनवीर, जावेद इक़बाल , डॉक्टर मनीष धावड़े, डॉक्टर आमना मिर्ज़ा को शिक्षा के राष्ट्रीय शिक्षा नीति में विशेष योगदान हेतु सम्मानित किया गया।
इस सम्मेलन को मीडिया सेंटर, जर्नलिज़्म टुडे ग्रुप, फ़ेस ग्रुप, वतन समाचार, सियासी तक़दीर, ए एन आई मीडिया एंड एजुकेशनल वर्ल्ड प्राइवेट लिमिटेड और सिटिज़न मीडिया ग्रुप का भी सहयोग प्राप्त हुआ।



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