पंडित नेहरु की लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और वैज्ञानिक सोच ने भारत को अलग पहचान दी : देवेन्द्र यादव
नई दिल्ली, 14 नवम्बर, देश के प्रथम प्रधानमंत्री पं0 जवाहरलाल नेहरु की 136वीं जन्म जयंती पर दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने प्रदेश कार्यालय राजीव भवन में पंडित नेहरु की तस्वीर पर पुष्पाजंलि अर्पित करके अपनी श्रद्धाजंलि दी। देवेन्द्र यादव ने प्रातः शांति वन जाकर भी पं0 जवाहरलाल नेहरु की समाधि पर फूल चढ़ाए। पं0 नेहरु का बच्चों के प्रति लगाव के कारण 14 नवम्बर नेहरु जी की जयंती बाल दिवस के रुप में मनाई जाती है।
पुष्पाजंलि अर्पित करने वालों में देवेन्द्र यादव के साथ प्रदेश प्रशासनिक इंचार्ज जतिन शर्मा, जिला अध्यक्ष राजकुमार जैन, हर्ष चौधरी, आदेश भारद्वाज, मौहम्मद उस्मान और सुमित शर्मा, राहुल धानक, पुष्पा सिंह, कमल अरोड़ा, ईश्वर बागड़ी, अब्दुल वाहिद, जयप्रकाश, सुरेशवती चौहान, नरेश शर्मा नीटू, पठानिया, त्रिलोक चौधरी, प्रमोद जयंत, कुवंर गोपाल, अक्षय कुमार और योगेश जैन मुख्य रुप से मौजूद थे।
देवेन्द्र यादव ने कहा कि पं0 नेहरु ने आजादी के बाद जिस तरह देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था को कायम करके दूरदर्शिता के साथ हर वर्ग के विकास, कल्याण और समानता बनाने का काम किया था। युवाओं की शिक्षा और रोजगार के लिए जो रास्ते बनाए उनके बाद ही भारत दुनिया में सुदृढ़ बना, जिसका उदाहरण आज दुनिया में देश के युवा अपनी शिक्षा शक्ति के बलबूते वहां अपना लोहा मनवा रहे है। आज जो सशक्त युवा शक्ति देश और दुनिया के विकास की रीढ़ बनी है उसकी नींव पंडित जवाहरलाल नेहरु ने भारत को एक गणतंत्र देश बनाकर रखी थी।
श्री यादव ने आगे कहा कि पं0 नेहरु की लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और वैज्ञानिक सोच ने भारत को अलग पहचान दी और संविधान का गठन होने के बाद हर नागरिक को वोट देने का अधिकार देकर करोड़ों देशवासियों को सरकार चुनने का अधिकार दिया। लेकिन दुर्भाग्यवश आज वोट चोरी करके भाजपा वोट के अधिकार को खत्म करके बार-बार सत्तासीन हो रही है। उन्होंने प्रथम प्रधानमंत्री ने देश में संसदीय प्रणाली को मजबूत बनाया, वैज्ञानिक संस्थानों की नींव रखी, उद्योगों को बढ़ावा दिया, शिक्षा अनुसंधान और विकास के लिए प्राथमिकता के तौर पर काम किया।
देवेन्द्र यादव न कहा कि पं0 नेहरु की दृढ़ शक्ति, विचार, आदर्श और परिपक्व सोच के आगे ब्रिटिश सरकार को झुकना पड़ा और ब्रिटिश शासन के अंत के बाद पं0 नेहरु सर्वसम्मति से स्वतंत्र लोकतांत्रिक गणराज्य के प्रथम प्रधानमंत्री बने। उनके नेतृत्व में भारतीय प्रोद्योगिकी संस्थान आईआईटी समेत अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स और भारतीय प्रबंधन संस्थान आईआईएम जैसे संस्थानों की स्थापना की।
शबाना अज़ीम
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