नई आवाज़ का अवार्ड फंक्शन 2025 एवं "एक शाम जलील बुरहानपुरी के नाम" ऑल इंडिया मुशायरा आयोजित
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. सैयद फारूक (चेयरमैन, तस्मिया एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी) ने की, जबकि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में जीतेन्द्र मणि त्रिपाठी (आईपीएस, डीसीपी, दिल्ली पुलिस) उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में फिरोज़ अहमद सिद्दीकी (संस्थापक सदस्य, ऑल इंडिया मिली काउंसिल) ने समारोह की गरिमा को और बढ़ाया।
समारोह के केंद्र में रहे मशहूर शायर डॉ. जलील बरहानपुरी का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस अवसर पर डॉ. सैयद फारूक ने उन्हें शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया, जबकि जीतेन्द्र मणि त्रिपाठी ने उन्हें एक आकर्षक शील्ड और सम्मान-पत्र भेंट किया। कार्यक्रम के पुरस्कार समारोह का संचालन आबगिना आरिफ ने किया, वहीं मुशायरे का संचालन हामिद अली अख्तर ने अपने ख़ास अंदाज़ में किया।
इस मौके पर नई आवाज़ के संस्थापक एवं महासचिव एजाज़ अंसारी ने सभी विशिष्ट अतिथियों को गुलदस्ते और स्मृति-चिह्न प्रदान कर उनका स्वागत किया। समारोह के दौरान डॉ. सैयद फारूक ने उत्कृष्ट कार्यों के लिए चयनित प्रतिभागियों को शॉल ओढ़ाई, जबकि जीतेन्द्र मणि त्रिपाठी ने उन्हें “नई आवाज़ पुरस्कार” और प्रमाणपत्र प्रदान किए।
पुरस्कार पाने वाले प्रमुख हस्तियों में डॉ. सज्जाद सैयद (शायर), डॉ. मोहम्मद रफी (फिजियोथेरेपिस्ट), एस. टी. रज़ा (पत्रकार), डॉ. हनीफ अहमद (डेंटिस्ट), खलील असलम कुरैशी (उर्दू के प्रचारक), डॉ. अजीत कुमार ठाकुर (मेडिसिन एंड क्रिटिकल केयर), कशिश वारसी (राष्ट्रवादी) और वसीम अंसारी (समाज सेवी) आदि के नाम शामिल रहे।
मुशायरे का शुभारंभ अतिथियों द्वारा शमा जलाकर किया गया, जिसके बाद देशभर के चुनिंदा कवियों ने अपनी नज़्में और ग़ज़लें पेश कीं। मंच पर जिन्होंने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया, उनमें जीतेन्द्र मणि त्रिपाठी, डॉ. सज्जाद सैयद, खुमार देहलवी, राशिदा बाकी हया, खलील असलम कुरैशी (भोपाल), पैकर पानीपती (पानीपत), हामिद अली अख्तर, जब्बार शारिब (झांसी), शुऐब अली खान शाद (भोपाल), सरवर हबीब (भोपाल), इकबाल अंसारी (मुंबई), समर बच्छरायोनी, सबा अज़ीज़, अबूज़र नवेद, आबगिना आरिफ, राम श्याम हसीन, अस्लम बेताब, परवीन शगुफ़ता, और एजाज़ अंसारी (मुशायरे के संयोजक) प्रमुख रूप से शामिल रहे।
कार्यक्रम के समापन पर नई आवाज़ पुरस्कार समिति के चेयरमैन फिरोज़ अहमद सिद्दीकी ने सभी अतिथियों, कवियों, पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं और दर्शकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “नई आवाज़” का यह आयोजन न सिर्फ़ साहित्यिक संवाद को मज़बूती देता है, बल्कि नई पीढ़ी को कला और संस्कृति से जोड़ने का कार्य भी कर रहा है।
कार्यक्रम में अब्दुल हक, फहीम अख्तर, हिफ्ज़ुर्रहमान, शाहिद जमाल, और वाहिद अली जैसी जानी-मानी हस्तियों की मौजूदगी ने शाम को और भी यादगार बना दिया।
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