संगीत की सुरमयी शाम में प्लेबैक सिंगर रेखा राज को किया गया ‘मोहम्मद रफ़ी मेमोरियल अवार्ड 2026’ से सम्मानित
मधुर आवाज़ और संगीत साधना से लबरेज़ दिल को छू लेने वाली परफ़ॉर्मेंस पर झूम उठे दर्शक
नई दिल्ली। सुरों के शहंशाह मोहम्मद रफ़ी साहब की याद में हार्मोनी हेल्थ एंड एजुकेशन फाउंडेशन द्वारा ‘याद-ए-रफ़ी’ शीर्षक से एक भव्य संगीतमय कार्यक्रम का आयोजन लोधी रोड स्थित इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर में किया गया। संगीत, संस्कृति और सम्मान के इस विशेष आयोजन में देश की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम की अध्यक्षता फेस ग्रुप के चेयरमैन डॉ. मुश्ताक अंसारी ने की, जबकि दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त आयुक्त राजेंद्र सिंह सागर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। फाउंडेशन की अध्यक्ष शबाना अज़ीम और फेस ग्रुप के मैनेजर डॉ. बिलाल अंसारी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में विधायक चौधरी ज़ुबैर अहमद, सीनियर एडवोकेट महमूद प्राचा, तिहाड़ जेल के डिप्टी सुपरिटेंडेंट डी.एस. मौर्या, एफएमएस इंफ्राटेक के सीएमडी डॉ. साजिद अहमद, कांग्रेस नेता सैय्यद शाकिर अली, नेशनल कांग्रेस प्रवक्ता रितु चौधरी, दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन ज़ाकिर ख़ान तथा कृष्णा नगर ज़िला कांग्रेस प्रभारी नफीस मलिक सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति रही।
इस संगीतमय शाम में जहां एक ओर कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से माहौल को सुरमयी बनाया, वहीं दूसरी ओर संगीत के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कलाकारों को ‘मोहम्मद रफ़ी मेमोरियल अवार्ड 2026’ से सम्मानित किया गया।
इसी क्रम में प्रसिद्ध प्लेबैक गायिका रेखा राज को उनके उल्लेखनीय संगीत योगदान के लिए इस प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा गया।
रेखा राज एक बहुमुखी प्रतिभा की धनी गायिका हैं, जिन्होंने अपने मधुर और आत्मीय स्वर से संगीत जगत को कई खूबसूरत गीत दिए हैं। उनकी आवाज़ में एक खास जादू है, जो सीधे श्रोताओं के दिलों को छू जाता है। संगीत के प्रति उनकी निष्ठा और समर्पण ने उन्हें एक विशिष्ट पहचान दिलाई है।
भारतीय संगीत में उनके इस अमूल्य योगदान को देखते हुए उन्हें ‘मोहम्मद रफ़ी मेमोरियल अवार्ड 2026’ से सम्मानित किया जाना उनके कला-साधना और उपलब्धियों का सम्मान है।
इस अवसर पर परकारों से बात करते हुए रेखा राज ने कहा कि रफ़ी साहब के नाम से अवॉर्ड पाकर मैं ख़ुद को बेहद गौरांवित महसूस कर रही हूँ। उन्होंने आगे कहा सिंगिंग हो नहीं किसी भी फ़ील्ड पहचान क़ायम करने के लिए समर्पण और कड़ी मेहनत दोनों ज़रूरी हैं ।
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