शफ़ीक़ुल हसन हुए नेशनल हार्मोनी यूनिटी अवार्ड से सम्मानित
नई दिल्ली 5 जनवरी। भारतीय सिनेमा के महान पार्श्वगायक मोहम्मद रफ़ी की याद में हार्मोनी हेल्थ एंड एजुकेशन फाउंडेशन की ओर से ‘याद-ए-रफ़ी’ शीर्षक से एक भव्य म्यूज़िकल कार्यक्रम का आयोजन लोधी रोड स्थित इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर में किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता फेस ग्रुप के चेयरमैन डॉ. मुश्ताक अंसारी ने की, जबकि दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त आयुक्त राजेंद्र सिंह सागर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। फाउंडेशन की अध्यक्ष शबाना अज़ीम और फेस ग्रुप के मैनेजर डॉ. बिलाल अंसारी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में विधायक चौधरी ज़ुबैर अहमद, सीनियर एडवोकेट महमूद प्राचा, तिहाड़ जेल के डिप्टी सुपरिटेंडेंट डी.एस. मौर्या, एफएमएस इंफ्राटेक के सीएमडी डॉ. साजिद अहमद, कांग्रेस नेता सैय्यद शाकिर अली, नेशनल कांग्रेस प्रवक्ता रितु चौधरी, दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन ज़ाकिर ख़ान तथा कृष्णा नगर ज़िला कांग्रेस प्रभारी नफीस मलिक सहित कई गणमान्य हस्तियां मौजूद रहीं।
इस संगीतमय शाम को और भी यादगार बनाने में बॉलीवुड की मशहूर प्लेबैक सिंगर रेखा राज और उर्वशी अरोड़ा ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया।
कार्यक्रम के दौरान समाज और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली विभूतियों को ‘नेशनल हार्मोनी यूनिटी अवार्ड 2026’ से सम्मानित किया गया। इसी कड़ी में वरिष्ठ मीडिया प्रोफेशनल शफ़ीक़ुल हसन को भी इस प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा गया।
शफ़ीक़ुल हसन को मीडिया, विज्ञापन और संचार के क्षेत्र में लगभग 40 वर्षों का व्यापक अनुभव प्राप्त है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत कम उम्र में की और आगे चलकर एक सफल विज्ञापन एजेंसी स्थापित की, जिसके माध्यम से उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ कार्य किया।
उर्दू मीडिया से उनके गहरे जुड़ाव और सार्थक पत्रकारिता को बढ़ावा देने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। पिछले आठ वर्षों से वह प्रतिदिन सुबह बिना किसी रुकावट के सत्यापित समाचार क्लिपिंग्स साझा कर रहे हैं, जो फेक न्यूज़ के खिलाफ एक मजबूत पहल है और समाज में जागरूकता फैलाने का सराहनीय प्रयास है। यह सेवा पूरी तरह निःशुल्क और समाज के हित में समर्पित है।
मीडिया और समाज के प्रति उनके उत्कृष्ट योगदान को देखते हुए उन्हें ‘नेशनल हार्मोनी यूनिटी अवार्ड 2026’ से सम्मानित किया जाना उनके समर्पण और कार्यों का सम्मान है।
शबाना अज़ीम
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