बचपन से मोहम्मद रफ़ी के दीवाने कलाकार राम कक्कड़ ने अपनी गायकी से दी भावभीनी श्रद्धांजलि
नई दिल्ली। सुरों के सरताज मोहम्मद रफ़ी की याद को जीवंत करने के उद्देश्य से हार्मोनी हेल्थ एंड एजुकेशन फाउंडेशन द्वारा ‘याद-ए-रफ़ी’ शीर्षक से एक भव्य संगीतमय कार्यक्रम का आयोजन लोधी रोड स्थित इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर में किया गया। इस खास शाम में संगीत, भावनाओं और यादों का अनोखा संगम देखने को मिला, जहां कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से रफ़ी साहब को श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता फेस ग्रुप के चेयरमैन डॉ. मुश्ताक अंसारी ने की, जबकि दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त आयुक्त राजेंद्र सिंह सागर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। फाउंडेशन की अध्यक्ष शबाना अज़ीम और फेस ग्रुप के मैनेजर डॉ. बिलाल अंसारी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में विधायक चौधरी ज़ुबैर अहमद, सीनियर एडवोकेट महमूद प्राचा, तिहाड़ जेल के डिप्टी सुपरिटेंडेंट डी.एस. मौर्या, एफएमएस इंफ्राटेक के सीएमडी डॉ. साजिद अहमद, कांग्रेस नेता सैय्यद शाकिर अली, नेशनल कांग्रेस प्रवक्ता रितु चौधरी, दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन ज़ाकिर ख़ान तथा कृष्णा नगर ज़िला कांग्रेस प्रभारी नफीस मलिक सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इस संगीतमय शाम में कई कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से माहौल को यादगार बना दिया। इसी क्रम में रफ़ी साहब के एक सच्चे प्रशंसक गायक राम कक्कड़ ने अपनी भावपूर्ण प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
उन्होंने बताया कि बचपन से ही उन्हें मोहम्मद रफ़ी साहब के गीतों से गहरा लगाव रहा है और वह घर पर उनके गीत गाकर अपनी रुचि को आगे बढ़ाते रहे। वर्ष 1966 में उन्हें रफ़ी साहब से मिलने का सौभाग्य भी प्राप्त हुआ, जहां उन्होंने लगभग चार घंटे तक उनके गीतों को सुना। उसी दिन से उन्होंने रफ़ी साहब को अपना गुरु मान लिया और तब से आज तक उनके गीतों को नहीं भुला पाए।
सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने अपने इस जुनून को और आगे बढ़ाते हुए स्टूडियो रिकॉर्डिंग और स्टेज परफॉर्मेंस के माध्यम से अपनी गायकी को नया आयाम दिया।
राम कक्कड़ की बेहतरीन परफ़ॉर्मेंस के लिए उनको एफएमएस इंफ्राटेक के सीएमडी बिज़नेस आइकॉन डॉ० साजिद अहमद, फेस ग्रुप के मैनेजर डॉ० बिलाल अंसारी और हार्मोनी हेल्थ एंड एजुकेशन फाउंडेशन की अध्यक्ष व इवेंट ऑर्गनाइजर शबाना अज़ीम द्वारा सम्मानित किया गया ।
जे० पी० गुप्ता
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