एडवोकेट महमूद प्राचा को नेशनल हार्मोनी यूनिटी अवॉर्ड से नवाज़ा गया
शबाना अज़ीम
नई दिल्ली। सुरों की अमर विरासत को समर्पित एक यादगार शाम उस वक्त जीवंत हो उठी, जब हार्मोनी हेल्थ एंड एजुकेशन फाउंडेशन द्वारा ‘याद-ए-रफ़ी’ शीर्षक से एक भव्य म्यूज़िकल कार्यक्रम का आयोजन लोधी रोड स्थित इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर में किया गया। महान पार्श्वगायक मोहम्मद रफ़ी की याद में सजे इस कार्यक्रम ने संगीत, सम्मान और सामाजिक एकता का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता फेस ग्रुप के चेयरमैन डॉ. मुश्ताक अंसारी ने की, जबकि दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त आयुक्त राजेंद्र सिंह सागर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। फाउंडेशन की अध्यक्ष शबाना अज़ीम और फेस ग्रुप के मैनेजर डॉ. बिलाल अंसारी के कुशल नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में विधायक चौधरी ज़ुबैर अहमद, तिहाड़ जेल के डिप्टी सुपरिटेंडेंट डी. एस. मौर्या , एफएमएस इंफ्राटेक के सीएमडी डॉ. साजिद एहमद, कांग्रेस नेता सैयद शाकीर अली , कांग्रेस की नेशनल प्रवक्ता रितु चौधरी, दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व चेयरमैन ज़ाकिर ख़ान तथा कांग्रेस नेता नफ़ीस मलिक सहित अनेक गणमान्य हस्तियों को वीआईपी गेस्ट के रूप में सम्मानित किया गया।
इस संगीतमय महफ़िल को खास बनाने में बॉलीवुड की चर्चित प्लेबैक सिंगर रेखा राज और उर्वशी अरोड़ा ने अपनी मधुर आवाज़ से समां बांध दिया, जिससे पूरा वातावरण सुरमयी हो उठा।
कार्यक्रम के दौरान समाज, शिक्षा और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों को ‘नेशनल हार्मोनी यूनिटी अवार्ड 2026’ से सम्मानित किया गया। इसी क्रम में सीनियर एडवोकेट महमूद प्राचा को भी इस प्रतिष्ठित सम्मान से नवाज़ा गया।
महमूद प्राचा सुप्रीम कोर्ट के जाने-माने अधिवक्ता हैं, जो आपराधिक और संवैधानिक कानून में अपनी गहरी पकड़ के लिए पहचाने जाते हैं। वे ‘मिशन सेव कॉन्स्टिट्यूशन’ के संस्थापक एवं संयोजक हैं और चुनाव सुधार व न्यायिक जवाबदेही जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सक्रिय रूप से अपनी आवाज़ उठाते रहे हैं। दिल्ली में जन्मे प्राचा ने यूनिवर्सिटी ऑफ़ दिल्ली से कानून की शिक्षा प्राप्त की है। वे ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बॉर्ड के सदस्य रहे हैं और साउथ एशिया माइनॉरिटी लॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
उन्होंने कई चर्चित मामलों में अपनी प्रभावशाली भूमिका निभाई है, जिनमें दिल्ली राइट्स 2020 से जुड़े आरोपियों का बचाव भी शामिल है। अपनी बेबाक राय और सामाजिक सरोकारों के प्रति प्रतिबद्धता के चलते वे अक्सर चर्चा में रहते हैं।
इस अवसर पर एडवोकेट महमूद प्राचा ने कहा जो लोग देश में धर्म, जाति, संप्रदाय के नाम पर नफ़रत फैला रहे हैं उनके विरुद्ध हमें आवाज़ बुलंद करनी चाहिए, संविधान में सबके अधिकार सुरक्षित हैं और देश संविधान से चलेगा।
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