याद-ए-रफ़ी’ की शाम में सिकंदर राजा हसन की दमदार प्रस्तुति ने जीता दिल

देश-विदेश में अपनी गायकी का जलवा बिखेर चुके सिंगर ने मंच पर बिखेरे सुरों के रंग


नई दिल्ली। सुरों के जादूगर मोहम्मद रफ़ी की याद में हार्मोनी हेल्थ एंड एजुकेशन फाउंडेशन द्वारा ‘याद-ए-रफ़ी’ शीर्षक से एक भव्य संगीतमय कार्यक्रम का आयोजन लोधी रोड स्थित इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर में किया गया। इस संगीतमय संध्या में कला, संस्कृति और भावनाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहां कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से रफ़ी साहब को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।


कार्यक्रम की अध्यक्षता फेस ग्रुप के चेयरमैन डॉ. मुश्ताक अंसारी ने की, जबकि दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त आयुक्त राजेंद्र सिंह सागर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। फाउंडेशन की अध्यक्ष शबाना अज़ीम और फेस ग्रुप के मैनेजर डॉ. बिलाल अंसारी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में विधायक चौधरी ज़ुबैर अहमद, सीनियर एडवोकेट महमूद प्राचा, तिहाड़ जेल के डिप्टी सुपरिटेंडेंट डी.एस. मौर्या, एफएमएस इंफ्राटेक के सीएमडी डॉ. साजिद अहमद, कांग्रेस नेता सैय्यद शाकिर अली, नेशनल कांग्रेस प्रवक्ता रितु चौधरी, दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन ज़ाकिर ख़ान तथा कृष्णा नगर ज़िला कांग्रेस प्रभारी नफीस मलिक सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।


इस संगीतमय शाम में कई कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से माहौल को यादगार बना दिया। इसी क्रम में प्रसिद्ध गायक सिकंदर राजा हसन की प्रस्तुति ने दर्शकों का दिल जीत लिया और खूब सराहना बटोरी।


सिकंदर राजा हसन को कॉलेज के दिनों से ही गायन और अभिनय का गहरा शौक रहा है, जहां वे मंचीय कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेते थे। आगे चलकर उन्होंने उस्ताद आमिर अहमद खान साहब से शास्त्रीय संगीत की विधिवत प्रशिक्षण प्राप्त किया।


पिछले 15 वर्षों में उन्होंने दिल्ली सहित देश के कई शहरों और विदेशों में अनेक मंचीय प्रस्तुतियां दी हैं। उन्होंने उषा मंगेशकर, अलका याज्ञनिक, साधना श्रीवास्तव, पामेला जैन और कविता कृष्णमूर्ति जैसे प्रसिद्ध कलाकारों के साथ मंच साझा किया है।


साथ ही, उन्होंने ब्लाइंड, कैंसर पीड़ितों, पुलिस विधवाओं और बाल शिक्षा जैसे सामाजिक उद्देश्यों के लिए कई चैरिटी शो भी किए हैं। उनकी प्रस्तुतियां दिल्ली-एनसीआर के प्रतिष्ठित मंचों जैसे फिक्की ऑडिटोरियम, कमानी ऑडिटोरियम, तालकटोरा इंडोर स्टेडियम, श्रीफोर्ट ऑडिटोरियम सहित जयपुर, अहमदाबाद, मुंबई, चंडीगढ़, लुधियाना और जालंधर जैसे शहरों में भी सराही गई हैं।

उनकी सुरमयी और ऊर्जावान प्रस्तुति ने ‘याद-ए-रफ़ी’ की इस शाम को और भी खास बना दिया, जिसे दर्शकों ने लंबे समय तक याद रखने योग्य बताया। सिंगिंग के फ़ील्ड में विशेष स्थान क़ायम करने और कला के प्रति समर्पण के मद्देनज़र सिकंदर राजा हसन को सम्मानित भी किया गया। 

शबाना अज़ीम

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